Dilip Lokre blog
शुक्रवार, 2 अप्रैल 2010
उड़ा के लॆ जाती है सबा मुझे सूखे पत्ते की मानिन्द,
उड़ा के ले जाति है सबा मुझे सूखे पत्ते कि मानिंद /
और एक तुम हो, जो कहती हो कि पत्थर हम हैं .
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