Dilip Lokre blog
गुरुवार, 1 अप्रैल 2010
मन की बातें मन समझाए,
मन की बातें मन समझाये
मन को लेकिन समझ न आये
समझ के खुद गर मन समझाये
शायद मन को समझ में आये
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